पर्यावरण बनाम अर्थव्यवस्था: वैश्विक प्लास्टिक संधि पर सहमति का संकट

प्लास्टिक प्रदूषण हमारे समय की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक बनकर उभरा है। इसके समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में अंतर-सरकारी वार्ता समिति (INC) के माध्यम से एक बाध्यकारी वैश्विक प्लास्टिक संधि तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, ये वार्ताएँ बार-बार गतिरोध का शिकार हुई हैं। अगस्त 2025 में जिनेवा में आयोजित INC-5.2 में भी कोई निर्णायक सहमति नहीं बन सकी, जबकि INC-5.3 भी किसी सार्थक वार्ता के बिना समाप्त हो गया। यह गतिरोध दर्शाता है कि प्रस्तावित संधि का प्रश्न अब केवल प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक प्लास्टिक अर्थव्यवस्था की भावी संरचना से भी जुड़ गया है।

उत्पादन बनाम प्रदूषण नियंत्रण

  • सबसे बड़ा मतभेद उन देशों के बीच है जो नए या प्राथमिक प्लास्टिक (Virgin Plastic) के उत्पादन पर बाध्यकारी सीमा चाहते हैं और वे देश जो संधि को केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित रखना चाहते हैं।
  • मजबूत पेट्रोकेमिकल हित वाले देश उत्पादन पर सीमा को औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और निर्यात आय के लिए खतरा मानते हैं। विशेष रूप से वे अर्थव्यवस्थाएँ, जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भर हैं, घटती जीवाश्म ईंधन मांग के बीच प्लास्टिक क्षेत्र को एक वैकल्पिक मांग-स्रोत के रूप में देख रही हैं।

रसायन, उत्पाद और समानता का प्रश्न

  • खतरनाक रसायनों पर वैश्विक स्तर पर बाध्यकारी प्रतिबंध लगाने और देशों को अपनी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता देने के बीच भी मतभेद बना हुआ है। यह विवाद सामर्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसी चिंताओं से और जटिल हो जाता है।
  • इसके केंद्र में विकसित और विकासशील देशों के बीच पारंपरिक उत्तर-दक्षिण विभाजन तथा साझा किंतु विभेदित उत्तरदायित्व (CBDR) का प्रश्न भी है।
  • विकासशील देश नई जिम्मेदारियाँ स्वीकार करने से पहले वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण की मांग करते हैं, जबकि विकसित देश अपेक्षाकृत एकसमान प्रतिबद्धताओं के पक्षधर हैं।
  • इसके अतिरिक्त, भूराजनीतिक तनाव और बहुपक्षीय व्यवस्था से बढ़ती थकान भी वार्ता को जटिल बना रही है।

स्रोत-स्तर बनाम अपशिष्ट-स्तर के समाधान

  • एक अन्य महत्वपूर्ण विभाजन पुनर्चक्रण और चक्रीयता के समर्थकों तथा उन देशों के बीच है जो मानते हैं कि केवल अपशिष्ट-स्तर पर किए गए उपाय प्लास्टिक उत्पादन में लगातार हो रही वृद्धि की गति का मुकाबला नहीं कर सकते।
  • इस दृष्टिकोण के अनुसार, प्रदूषण होने के बाद उसका प्रबंधन करने के बजाय प्लास्टिक उत्पादन के स्रोत पर ही हस्तक्षेप करना अधिक प्रभावी होगा।

निष्कर्ष

183 देशों की भागीदारी वाले सर्वसम्मति-आधारित ढाँचे में महत्वाकांक्षी प्रावधान कुछ असहमत देशों द्वारा रोके जाने के प्रति संवेदनशील बने रहते हैं। सितंबर 2026 में प्रस्तावित अगली INC बैठक पर्यावरणीय महत्वाकांक्षा, आर्थिक हितों और न्यायसंगत क्रियान्वयन के बीच संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान कर सकती है। यदि इन तीनों के बीच संतुलन नहीं बनता, तो संधि या तो कमजोर पर्यावरणीय परिणामों तक सीमित रह सकती है या विकासशील देशों का समर्थन कमजोर पड़ सकता है। इसलिए दीर्घकालिक समाधान केवल प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे वैश्विक प्लास्टिक अर्थव्यवस्था की मूल संरचना में परिवर्तन लाने में सक्षम होना चाहिए।

UPPCS - General Studies Foundation Course 2026-2027

UPPCS - General Studies Foundation Course 2026-2027
The course is fully aligned with the latest syllabus and exam trends of UP-PCS General Studies Paper, with a strong focus on conceptual clarity and building a solid foundation for both Prelims and Mains.This is also useful for aspirants preparing for BPSC, MPPSC, RPSC, JPSC, UKPSC, CGPSC and other State PSC examinations.

Medium : Hinglish | Full Fee : 14,999 including GST (EMI Available) | Duration : 12 months

UPSC NEW NCERT - General Studies Beginner’s Foundation Course 2027

UPSC NEW NCERT - General Studies Beginner’s Foundation Course 2027
Chronicle IAS Online UPSC New NCERT GS Beginner’s Foundation Course 2027 for UPSC, State PSCs and other graduate-level competitive exams. 50% to 60 % of the questions in various competitive examinations are asked from NCERT Classes 6th to 12th books.

Medium : Hinglish | Full Fee : 3000 including GST | Duration : 6 months | New Batch Starts : 10th August 2026

Get Free : 9 To The Point NCERT Plus Books to Crack UPSC & State PSCs

72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन फाउंडेशन कोर्स – 2026

72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन फाउंडेशन कोर्स – 2026
Chronicle IAS का 72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन (General Studies) फाउंडेशन कोर्स – 2026, विशेष रूप से BPSC प्रीलिम्स परीक्षा के नवीनतम पाठ्यक्रम (Latest Syllabus) और प्रश्न की प्रवृत्तियों (Exam Trends) के आधार पर तैयार किया गया है।

भाषा माध्यम : हिंदी माध्यम में | कोर्स समय: 90 दिन | कुल कोर्स शुल्क: 799 1499 (जी.एस.टी के साथ)

UPSC NEW NCERT - General Studies Beginner’s Foundation Course 2027

UPSC NEW NCERT - General Studies Beginner’s Foundation Course 2027
Chronicle IAS Online UPSC New NCERT GS Beginner’s Foundation Course 2027 for UPSC, State PSCs and other graduate-level competitive exams. 50% to 60 % of the questions in various competitive examinations are asked from NCERT Classes 6th to 12th books.

Medium : Hinglish | Full Fee : 3000 including GST | Duration : 6 months | New Batch Starts : 10th August 2026

Get Free : 9 To The Point NCERT Plus Books to Crack UPSC & State PSCs

UPPCS - General Studies Foundation Course 2026-2027

UPPCS - General Studies Foundation Course 2026-2027
The course is fully aligned with the latest syllabus and exam trends of UP-PCS General Studies Paper, with a strong focus on conceptual clarity and building a solid foundation for both Prelims and Mains.This is also useful for aspirants preparing for BPSC, MPPSC, RPSC, JPSC, UKPSC, CGPSC and other State PSC examinations.

Medium : Hinglish | Full Fee : 14,999 including GST (EMI Available) | Duration : 12 months

72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन फाउंडेशन कोर्स – 2026

72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन फाउंडेशन कोर्स – 2026
Chronicle IAS का 72 वीं BPSC P.T. Fast Track सामान्य अध्ययन (General Studies) फाउंडेशन कोर्स – 2026, विशेष रूप से BPSC प्रीलिम्स परीक्षा के नवीनतम पाठ्यक्रम (Latest Syllabus) और प्रश्न की प्रवृत्तियों (Exam Trends) के आधार पर तैयार किया गया है।

भाषा माध्यम : हिंदी माध्यम में | कोर्स समय: 90 दिन | कुल कोर्स शुल्क: 799 1499 (जी.एस.टी के साथ)