म्यांमार में बढ़ता अवैध अफीम कारोबार: भारत के लिए उभरती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां

अफगानिस्तान में अफीम की खेती में आई तीव्र गिरावट के बाद हाल के वर्षों में म्यांमार विश्व में अवैध अफीम का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। हालिया आकलनों के अनुसार, इस परिवर्तन ने भारत की पूर्वी सीमा के रणनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है, क्योंकि म्यांमार से जुड़े मादक पदार्थों की तस्करी के मार्ग लगातार विस्तृत हो रहे हैं। यह स्थिति मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध तथा क्षेत्रीय सुरक्षा के बीच गहराते अंतर्संबंध को भी रेखांकित करती है।

म्यांमार में अफीम व्यापार का विस्तार क्यों हो रहा है?

  • लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता, सशस्त्र संघर्ष तथा कमजोर शासन-व्यवस्था ने म्यांमार में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती को बढ़ावा दिया है तथा मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क को मजबूत किया है।
  • अफगानिस्तान में अफीम उत्पादन घटने के बाद मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह तेजी से म्यांमार की ओर रुख कर रहे हैं।
  • गोल्डन ट्रायंगल जैसे प्रमुख मादक पदार्थ उत्पादक क्षेत्र में स्थित होने के कारण म्यांमार अफीम तथा अन्य अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन एवं तस्करी का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

भारत के लिए निहितार्थ

  • म्यांमार के साथ भारत की खुली एवं दुर्गम सीमा, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में, सीमा-पार मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति अधिक संवेदनशील होती जा रही है।
  • अवैध मादक पदार्थों का व्यापार उग्रवादी संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान कर सकता है, संगठित अपराध नेटवर्क को मजबूत कर सकता है तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर आंतरिक सुरक्षा के समक्ष गंभीर चुनौती उत्पन्न कर सकता है।
  • मादक पदार्थों की बढ़ती आमद सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की लत, सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता को भी बढ़ावा देती है।

भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया को सुदृढ़ बनाना

भारत की प्रतिक्रिया केवल पारंपरिक कानून-प्रवर्तन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने, मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को गहरा करने की आवश्यकता है। सुरक्षा, क्षेत्रीय कूटनीति और विकासोन्मुख उपायों पर आधारित समन्वित रणनीति ही इस उभरते मादक पदार्थ खतरे का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए भारत की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बना सकती है।